- हलाल करके लाओगे तभी ड्रेसिंग करेंगे, कह रहे हैं चिकन शॉप संचालक
- कोत्तगुडेम में चर्चा का विषय बना यह व्यवहार
कोत्तगुडेम – शहर के कुछ चिकन शॉपों में मुर्गों की ड्रेसिंग को लेकर अपनाए जा रहे तरीकों पर विवाद खड़ा हो रहा है। देवता को चढ़ाए गए मुर्गों की हम ड्रेसिंग नहीं करेंगे, पहले हलाल पद्धति से काटकर लाओगे तभी ड्रेसिंग करेंगे, ऐसा कुछ चिकन शॉप संचालक कह रहे हैं, ऐसा उपभोक्ता बता रहे हैं।
कई उपभोक्ताओं का कहना है कि कोडि अमुकम और ड्रेसिंग के विषय में संचालक अपनी सुविधा के अनुसार नियम लागू कर रहे हैं। खास तौर पर देवता को चढ़ाए गए मुर्गों की दुकानों में ड्रेसिंग करने से इनकार करना और उन्हें पहले से ही तय पद्धति से काटकर लाने को कहना उचित नहीं है।
यह विषय अब चर्चा का मुद्दा बन गया है। क्या संचालक उपभोक्ताओं की जरूरतों के अनुसार चिकन की बिक्री और ड्रेसिंग कर रहे हैं? या नियमों के विरुद्ध व्यवहार कर रहे हैं? ऐसे सवाल उठ रहे हैं। संबंधित अधिकारियों को चिकन शॉपों में लागू नियमों, स्वच्छता मानकों और मांस बिक्री के नियमों की समीक्षा करने की जरूरत है, ऐसा कहा जा रहा है।
चूंकि यह धार्मिक आचार और व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा विषय है, विवाद को और संवेदनशील बनाए बिना अधिकारियों को स्पष्टता देनी चाहिए, ऐसी उपभोक्ता मांग कर रहे हैं। इस व्यवहार पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को स्वयं जांच कर नियमों का प्रचार करना चाहिए। चिकन शॉप के बाहर ‘हलाल किया हुआ चिकन ही बेचा जाता है’ ऐसा बोर्ड लगाकर धैर्य न रखने वाले संचालक हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं। हिंदू संगठन अपने मत के अनुसार कार्यक्रमों, त्योहारों के दौरान देवताओं को चढ़ाए गए मुर्गों को हलाल करके लाने पर ही ड्रेसिंग करेंगे, यह कहना कई उपभोक्ताओं में नाराजगी पैदा कर रहा है।


