लच्छनपुर/पलारी।
बलौदा बाजार जिला के पलारी जनपद अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत लच्छनपुर में गर्मी शुरू होने से पहले ही जल संकट गहराने लगा है। पिछले कुछ महीनों से गांव में पानी की कमी लगातार बढ़ रही है और मार्च के शुरुआती दिनों में ही हालात ऐसे बन गए हैं कि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि अभी से यह स्थिति बनी हुई है तो आने वाले महीनों में, जब तापमान और अधिक बढ़ेगा, तब हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। गांव के कई मोहल्लों में सुबह से ही पानी भरने के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं। लोग घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते हैं, तब कहीं जाकर पानी मिल पाता है।
सूख रहे हैं जल स्रोत
गांव में लगे कई हैंडपंप और बोरवेल अब लगभग सूख चुके हैं। कुछ हैंडपंपों से बहुत कम मात्रा में पानी निकल रहा है, जिससे लोगों को वहां भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार गांव के पारंपरिक जल स्रोत धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे हैं और इससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
आधे से ज्यादा तालाब सूखने की कगार पर
ग्राम पंचायत के सरपंच भूपेंद्र साहू ने बताया कि गांव के अधिकांश तालाबों में पानी काफी कम हो गया है। कई छोटे तालाब लगभग सूख चुके हैं, जबकि बड़े तालाबों में भी करीब 50 प्रतिशत पानी ही बचा हुआ है। यदि बारिश से पहले यही स्थिति बनी रही तो गर्मी के महीनों में गांव के सामने गंभीर जल संकट खड़ा हो सकता है।
नल-जल योजना भी नहीं दे पा रही राहत
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में संचालित नल-जल योजना से भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। कई मोहल्लों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी की सप्लाई या तो बहुत कम हो रही है या फिर कई दिनों तक बंद रहती है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में भू-जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और कई स्थानों पर पानी का स्तर लगभग 400 फीट से भी नीचे पहुंच गया है। इसी कारण बोरवेल और हैंडपंप सूखते जा रहे हैं और नल-जल योजना को भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
महिलाओं और बुजुर्गों पर बढ़ा बोझ
पानी की कमी का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। उन्हें घर के उपयोग के लिए पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता है। कई परिवारों को पड़ोसी मोहल्लों या अन्य स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।
प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
ग्रामवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि गांव में बढ़ते जल संकट को गंभीरता से लिया जाए और जल्द से जल्द इसका स्थायी समाधान किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो अप्रैल, मई और जून की भीषण गर्मी में हालात और भी ज्यादा खराब हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि गांव के सूखते तालाबों का गहरीकरण कराया जाए, नए जल स्रोत विकसित किए जाएं और नल-जल योजना को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए ताकि गांव के लोगों को पानी की समस्या से राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए हर साल संघर्ष करना बेहद चिंताजनक है। इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाकर लच्छनपुर के लोगों को इस संकट से राहत दिलानी चाहिए।
संवाददाता: तुलसी साहू
दिल्ली क्राइम प्रेस नेशनल न्यूज़


