गाडरवारा/साईखेड़ा/चीचली। क्षेत्र के गाडरवारा, साईखेड़ा और चीचली विकासखंडों में संचालित ऑनलाइन कियोस्क और चॉइस सेंटरों पर इन दिनों भारी फर्जीवाड़ा और अवैध वसूली का बोलबाला है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, ये केंद्र संचालक भोली-भाली जनता को गुमराह कर जीरो बैलेंस खाता खोलने के नाम पर 200 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की अवैध वसूली कर रहे हैं।
नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां
भारत सरकार की ‘जन-धन योजना’ और आरबीआई के नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी या निजी बैंक में बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBDA) या जीरो बैलेंस खाता खोलना पूरी तरह निशुल्क है। बैंक इन केंद्रों को खाता खोलने के बदले अलग से कमीशन प्रदान करता है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र संचालक हितग्राहियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।
भ्रामक जानकारी देकर कर रहे गुमराह
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे खाता खुलवाने जाते हैं, तो उन्हें बताया जाता है कि ‘सर्वर चार्ज’ या ‘कार्ड फीस’ के नाम पर पैसा जमा करना अनिवार्य है। विशेषकर साईखेड़ा और चीचली के ग्रामीण अंचलों से आने वाले मजदूर और किसान, जिन्हें बैंकिंग नियमों की अधिक जानकारी नहीं है, वे इन संचालकों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं।
सुरक्षा पर भी उठ रहे सवाल
सूत्रों का कहना है कि पैसे लेने के साथ-साथ इन केंद्रों पर ग्राहकों के बायोमेट्रिक डेटा और आधार कार्ड का भी दुरुपयोग होने की संभावना बनी रहती है। बिना किसी आधिकारिक रसीद के यह अवैध लेनदेन धड़ल्ले से जारी है, जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की छवि धूमिल हो रही है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि:
इन ऑनलाइन केंद्रों की औचक जांच की जाए।
केंद्रों के बाहर अनिवार्य रूप से ‘निशुल्क सेवाओं’ की सूची और शिकायत नंबर चस्पा किए जाएं।
अवैध वसूली करने वाले संचालकों के लाइसेंस निरस्त कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए।


