बरनाला: 9 मई (परमजीत सिंह कैरे)
पंजाब के मेहनतकश वर्ग की जायज मांगों के प्रति सरकार की कथित बेरुखी और नीतिगत देरी के विरोध में नगर निगम बरनाला के कार्यालय के समक्ष शुरू किया गया ‘पक्का मोर्चा’ आज चौथे दिन एक विशाल जन-समूह में तब्दील हो गया। शहर की सफाई व्यवस्था को पूर्ण रूप से ठप कर मजदूरों ने प्रशासनिक गलियारों तक अपनी आवाज पहुँचाने का लोकतांत्रिक प्रयास किया है। अत्यंत अफसोस का विषय रहा कि संघर्ष के चौथे दिन भी शासन या प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मजदूरों की संवैधानिक मांगों पर विचार-विमर्श करने के लिए नहीं पहुँचा।
धरने को संबोधित करते हुए सफाई सेवक यूनियन के जिला अध्यक्ष गुलशन कुमार, गुरबाज सिंह बाज और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ (भारत) के जिला अध्यक्ष सतपाल रिंकू ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि हम पिछले कई दिनों से अपने हक के लिए भूख-प्यास सह रहे हैं, लेकिन सरकार टस से मस नहीं हो रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी मेहनत का वाजिब मूल्य लेने का अधिकार है और जब तक लिखित फैसला नहीं होता, यह लोकतांत्रिक जंग जारी रहेगी। धर्म सिंह फौजी (एमसी) ने भी हुकूमत को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी मजदूरों के सब्र का इम्तिहान ले रही है, जिसका परिणाम आने वाले दिनों में सरकार के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थिति दर्ज करवाते हुए वरिष्ठ पत्रकार अवतार सिंह फरवाही ने सफाई सैनिकों के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि “आपका इतिहास गौरवमयी रहा है; रंगरेटों ने न कभी पहले हार मानी है और न अब मानेंगे।” उन्होंने कहा कि जीत अंततः मजदूरों की ही होगी, लेकिन सफाई सैनिकों का हक मारने वाली सरकार के माथे पर यह काला धब्बा हमेशा के लिए लग जाएगा।
मोर्चे में मजदूर एकता का प्रमाण देते हुए हेमराज एमसी, हरबख्शीश सिंह, दर्शन सिंह चीमा, अनिल कुमार, अंगद प्रताप, जसबीर सिंह, म्युनिसिपल कर्मचारी दल के गुरमीत सिंह व जगजीत सिंह, डॉ. भीम राव ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष चरण सिंह, मेट लछमण दास, ओम प्रकाश दरावड़, राजेश कुमार वाल्मीकि, रमेश कुमार, मुकेश कुमार टांक, रमेश कुमार टाक, सनी कुमार, सोनू कुमार, जगतार सिंह, जगतार सिंह विक्की, अवतार सिंह, रवि कुमार घोगलिया और अशोक कुमार (पूर्व अध्यक्ष) ने शिरकत की।
इसके साथ ही राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ (भारत) की टीम से राम सिंह, जसवंत कुमार, राज कुमार राजू, विक्की सहोता (उपाध्यक्ष), कुलविंदर सिंह, अजय कुमार मोगली, करण वीर राजू, साहिल कुमार, राजू दीपू, विक्की सारस्वान, बलजिंदर सिंह फाजिल्का, जसवंत सिंह बठिंडा, मनप्रीत सिंह अमृतसर, राजवीर कौर मानसा, चरणजीत कुमार लुधियाना और खुशहाल चंद फाजिल्का ने पहुँचकर मोर्चे की सफों को और मजबूत किया। मौके पर विनय कुमार, राजू ढोली, संजय कुमार, रणवीर सिंह, बलजीत सिंह, विक्की, विनोद कुमार, नीला सिंह, बिट्टू कुमार, जॉनसन जॉनी और रवि रावण भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
संघर्ष में ‘नारी शक्ति’ ने भी भरपूर उत्साह दिखाया, जहाँ स्त्री विंग की अध्यक्ष बिंदु रानी के नेतृत्व में मूर्ति देवी, संतोष रानी, सरोज रानी और नसीब मूर्ति सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण परंतु जोरदार नारेबाजी कर अपने हक की मांग की। समूह नेताओं ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि यदि सरकार ने तुरंत कोई सार्थक कदम नहीं उठाया, तो यह ‘काम-छोड़’ हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगी और मजदूरों के इस बढ़ते आक्रोश की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और पंजाब सरकार की होगी।


