ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस-प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, चार माह में आठ संदिग्ध मौतों से गांव में दहशत
कसडोल/बलौदाबाजार-भाटापारा (छत्तीसगढ़), 13 जून | दिल्ली क्राइम प्रेस नेशनल न्यूज | संवाददाता तुलसी साहू।



बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पुराना खर्वे में हुई संदिग्ध मौतों के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। ग्रामीणों द्वारा शराब में नशीला पदार्थ अथवा जहर मिलाकर लोगों की हत्या किए जाने की शिकायत के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक महेतरु साहू का शव एक माह बाद कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम एवं फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे गांव सहित आसपास के क्षेत्र में सनसनी और भय का माहौल है।
चार माह में आठ मौतों से गहराया रहस्य
ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सौंपे गए आवेदन में दावा किया गया है कि 1 फरवरी से 14 मई 2026 के बीच गांव में लगभग आठ लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गांव का एक व्यक्ति अंधविश्वास फैलाकर तथा जमीन में गड़ा खजाना मिलने का लालच देकर लोगों को अपने प्रभाव में लेता था।
ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त व्यक्ति लोगों को शराब पिलाता था, जिसमें कथित रूप से नशीला पदार्थ या जहर मिलाया जाता था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ जाती थी और कुछ लोगों की मौत हो जाती थी। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है तथा पुलिस सभी तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है।
शराब पीने के बाद बिगड़ी थी महेतरु साहू की तबीयत
शिकायत में शामिल मृतकों में 41 वर्षीय महेतरु साहू का मामला प्रमुखता से सामने आया है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार 14 मई को महेतरु साहू गांव की एक दुकान पर शराब पीने गए थे। शराब सेवन के कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
उस समय परिजनों ने इसे सामान्य मृत्यु अथवा हृदयाघात (हार्ट अटैक) मानते हुए पोस्टमार्टम नहीं कराया था तथा अंतिम संस्कार कर दिया गया था। लेकिन बाद में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और संदेह के चलते मामला पुनः जांच के दायरे में आ गया।
मर्ग कायम कर शुरू हुई जांच
ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद कसडोल पुलिस ने मर्ग इंटिमेशन क्रमांक 58/2026 दर्ज कर जांच प्रारंभ की। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों और लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शव उत्खनन की अनुमति के लिए प्रशासन से अनुरोध किया।
एसडीएम की अनुमति से हुआ शव उत्खनन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) कसडोल से विधिवत अनुमति प्राप्त की गई। इसके बाद 13 जून को मृतक महेतरु साहू के शव का उत्खनन (Exhumation) कराया गया।
कब्र से शव निकालने की पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक निगरानी में संपन्न हुई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
पुलिस, प्रशासन और एफएसएल टीम रही मौजूद
शव उत्खनन की कार्रवाई के दौरान उप पुलिस अधीक्षक कैंप कसडोल, थाना प्रभारी कसडोल, नायब तहसीलदार, कार्यपालिक दंडाधिकारी सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए।
इसके बाद चिकित्सकों की टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट से खुलेगा मौत का रहस्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि महेतरु साहू की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश अथवा जहर देने जैसी घटना थी।
यदि जांच में किसी प्रकार की आपराधिक संलिप्तता या जहर देकर हत्या की पुष्टि होती है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गंभीरता को देखते हुए मृतक महेतरु साहू का शव एक माह बाद कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम एवं फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे गांव सहित आसपास के क्षेत्र में सनसनी और भय का माहौल है।
चार माह में आठ मौतों से गहराया रहस्य
ग्रामीणों द्वारा पुलिस को सौंपे गए आवेदन में दावा किया गया है कि 1 फरवरी से 14 मई 2026 के बीच गांव में लगभग आठ लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गांव का एक व्यक्ति अंधविश्वास फैलाकर तथा जमीन में गड़ा खजाना मिलने का लालच देकर लोगों को अपने प्रभाव में लेता था।
ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त व्यक्ति लोगों को शराब पिलाता था, जिसमें कथित रूप से नशीला पदार्थ या जहर मिलाया जाता था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ जाती थी और कुछ लोगों की मौत हो जाती थी। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है तथा पुलिस सभी तथ्यों की बारीकी से जांच कर रही है।
शराब पीने के बाद बिगड़ी थी महेतरु साहू की तबीयत
शिकायत में शामिल मृतकों में 41 वर्षीय महेतरु साहू का मामला प्रमुखता से सामने आया है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार 14 मई को महेतरु साहू गांव की एक दुकान पर शराब पीने गए थे। शराब सेवन के कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
उस समय परिजनों ने इसे सामान्य मृत्यु अथवा हृदयाघात (हार्ट अटैक) मानते हुए पोस्टमार्टम नहीं कराया था तथा अंतिम संस्कार कर दिया गया था। लेकिन बाद में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और संदेह के चलते मामला पुनः जांच के दायरे में आ गया।
मर्ग कायम कर शुरू हुई जांच
ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद कसडोल पुलिस ने मर्ग इंटिमेशन क्रमांक 58/2026 दर्ज कर जांच प्रारंभ की। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों और लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शव उत्खनन की अनुमति के लिए प्रशासन से अनुरोध किया।
एसडीएम की अनुमति से हुआ शव उत्खनन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) कसडोल से विधिवत अनुमति प्राप्त की गई। इसके बाद 13 जून को मृतक महेतरु साहू के शव का उत्खनन (Exhumation) कराया गया।
कब्र से शव निकालने की पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक निगरानी में संपन्न हुई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
पुलिस, प्रशासन और एफएसएल टीम रही मौजूद
शव उत्खनन की कार्रवाई के दौरान उप पुलिस अधीक्षक कैंप कसडोल, थाना प्रभारी कसडोल, नायब तहसीलदार, कार्यपालिक दंडाधिकारी सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए।
इसके बाद चिकित्सकों की टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट से खुलेगा मौत का रहस्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि महेतरु साहू की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश अथवा जहर देने जैसी घटना थी।
यदि जांच में किसी प्रकार की आपराधिक संलिप्तता या जहर देकर हत्या की पुष्टि होती है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


