- कमीशन कटौती से संकट में राशन दुकान विक्रेता, महिला स्वयं सहायता समूहों ने रखी मांगें
- राशन दुकान विक्रेताओं का फूटा आक्रोश, कमीशन कटौती वापस लेने की मांग
- महिला स्वयं सहायता समूहों ने सरकार से की बड़ी मांग, राशन दुकान कमीशन बढ़ाने की अपील
- कमीशन घटा तो कैसे चलेगी राशन की दुकान? विक्रेताओं ने सरकार से लगाई गुहार
- राशन दुकान विक्रेताओं की आर्थिक परेशानी बढ़ी, कमीशन कटौती के खिलाफ उठी आवाज
- मध्यप्रदेश में राशन दुकान विक्रेताओं का संकट गहराया, कमीशन बढ़ाने की मांग
- महिला समूहों ने संभाला राशन वितरण, अब कमीशन कटौती से बढ़ी मुश्किलें
- राशन दुकान संचालकों की सरकार से दो टूक मांग—कमीशन कटौती पर पुनर्विचार करें
- महिला स्वयं सहायता समूहों की बड़ी मांग, राशन दुकान संचालन के लिए बढ़ाया जाए कमीशन

मुरैना/ (म.प्र.) । मध्यप्रदेश के समस्त उचित मूल्य दुकान विक्रेता एवं महिला स्वयं सहायता समूह, मध्यप्रदेश शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को पूर्ण ईमानदारी, पारदर्शिता एवं निष्ठा के साथ अंतिम पात्र हितग्राही तक पहुँचाने का कार्य वर्षों से निरंतर कर रहे हैं। हम शासन और आम जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
सध्यप्रदेश शासन द्वारा जून 2018 से महिला स्वयं सहायता समूहों को शासकीय उचित मूल्य दुकानों का संचालन गया। तब से लेकर आज तक समूह की बहनों ने पूरी जिम्मेदारी के साथ इन दुकानों का संचालन किया है। कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में भी हमने बिना किसी बाधा के आमजन तक समय पर खाद्यान्न पहुँचाकर की योजनाओं को सफल बनाया।
प्राप्त शासन :
उचित मूल्य दुकान का मासिक कमीशन 8,400 निर्धारित था, जिसे बाद में बढ़ाकर 10,500 किया गया। किन्तु हाल ही में बिना किसी पूर्व सूचना, चर्चा अथवा महिला स्वयं सहायता समूहों एवं विक्रेताओं से संवाद लिए कमीशन में कटौती कर दी गई। यह निर्णय लाखौं महिला समूहों एवं उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं के हितों के प्रतिकूल है।
वर्तमान में प्राप्त कमीशन राशि से दुकान का किराया, बिजली बिल, इंटरनेट, कर्मचारियों का भुगतान एवं अन्य आवश्यक खर्चों का वहन करना अत्यंत कठिन हो गया है। बढ़ती महंगाई के इस दौर में इतनी कम राशि में दुकान संचालन करना लगभग असंभव हो चुका है। इससे विक्रेताओं एवं उनके परिवारों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
‘विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में 50 प्रतिशत शासकीय उचित मूल्य दुकानों का संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। इसके बावजूद हमारी समस्याओं एवं सुझावों की लगातार अनदेखी की जा रही है जबकि महिला समूहों एवं अन्य विक्रेताओं को केवल सीमित कमीशन के आधार पर संपूर्ण संचालन करना पड़ता है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारी निम्नलिखित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए-
प्रमुख मागें-
उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को शासकीय कर्मचारियों के समान सम्मान एवं आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जाएँ ।
12.महिला स्वयं सहायता समूहों अथवा उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं से संबंधित किसी भी नीति अथवा आदेश को जारी करने से पूर्व उनके प्रतिनिधियों से चर्चा कर उनकी सहमति एवं सुझाव लिए जाएँ।
उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं से पूरे माह निरंतर कार्य लिया जाता है। दुकान खोलने और बंद करने का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं है। विभाग द्वारा किसी भी दिन और किसी भी समय दुकान खोलने, खाद्यान्न वितरण, ई-केवाईसी, सत्यापन, सर्वे, स्टॉक मिलान तथा अन्य शासकीय कार्यों के लिए बुलाया जाता है। इतने व्यापक एवं नियमित कार्य के बावजूद वर्तमान में दिया जा रहा कमीशन अत्यंत अपर्याप्त है
हमारी मांग है कि उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं का मासिक कमीशन न्यूनतम 25,000 निर्धारित किया जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना जीवनयापन कर सकें तथा शासकीय कार्यों का सुचारु रूप से निर्वहन कर सकें। हमारी कमीशन राशि का भुगतान प्रत्येक माह निश्चित तिथि एवं समय पर किया जाए, ताकि दुकान संचालन एवं अन्य आवश्यक भुगतान समय पर किए जा सकें। अभी तक कमीशन में की गई समस्त कटौती की राशि तत्काल वापस प्रदान की जाए। –
पंचायत स्तर पर प्रत्येक उचित मूल्य दुकान हेतु शासन द्वारा स्थायी भवन उपलब्ध कराया जाए तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया जाए।
खाद्यान्न परिवहन करने वाले वाहनों का समय निर्धारित किया जाए तथा प्रत्येक स्तर पर तुलाई की निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए । वेयरहाउस स्तर पर होने वाले शॉर्टेज की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की जाए तथा उसकी समयबद्ध भरपाई की जाए।
दुकानों में ऑनलाइन सर्वर, पीओएस मशीन एवं तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
छं. तुलावटी (हमाल/तौल कर्मी) के लिए शासन द्वारा निर्धारित मासिक मानदेय प्रदान किया जाए।
सेल्समैन का वेतन शासन द्वारा दिया जाए।
10.उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को सामाजिक सुरक्षा, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा एवं अन्य कल्याणकारी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।
महोदय जी हमारी यह मांग किसी एक जिले की नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के समस्त उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं एवं महिला स्वयं सहायता समूहों की है। हम सभी वर्षों से शासन की योजनाओं को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए हमारी न्यायोचित मांगों पर संवेदनशीलता एवं गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है।
यदि निर्धारित समय सीमा में हमारी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता है, तो पूरे मध्यप्रदेश के समस्त उचित मूल्य दुकान विक्रेता एवं महिला स्वयं सहायता समूह लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से सामूहिक आंदोलन एवं हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
हमें पूर्ण विश्वास है कि आप हमारी समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए शीघ्र न्यायोचित निर्णय लेकर लाखों उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को राहत प्रदान करेंगे।
रिपोर्टर – जसवंत सिंह सिकरवार


