साईखेड़ा। क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना को लेकर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली छींद धाम पदयात्रा इस वर्ष भी श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हुई। नगर के अखाड़े वाले हनुमान मंदिर से निरंतर 13 वर्षों से चली आ रही इस सेवा ने आज अपने 14वें वर्ष में प्रवेश किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में दादा भक्तों ने बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर थिरकते हुए अपनी यात्रा का शुभारंभ किया।
जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
अखाड़े वाले हनुमान मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन के बाद जैसे ही पदयात्रा नगर के मुख्य मार्गों पर पहुँची, श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया। यात्रा के दौरान पूरा नगर ‘जय श्री राम’ और ‘हनुमान जी के जयकारों’ से गुंजायमान रहा। भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जहाँ युवा, बुजुर्ग और बच्चे सभी भक्ति भाव में डूबे नजर आए।
धार्मिक अनुष्ठान और भंडारा
पदयात्रा अखाड़े वाले दादा के मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख धार्मिक स्थलों से गुजरी। यात्रियों ने धूनी वाले मंदिर और नर्मदा तट में पूर्ण विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। इस दौरान आयोजकों द्वारा भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के पश्चात सभी पदयात्री जयकारे लगाते हुए अपने गंतव्य छींद धाम के लिए रवाना हुए।
13 वर्षों की अटूट परंपरा
आयोजकों ने बताया कि यह पदयात्रा सेवा पिछले 13 वर्षों से अनवरत जारी है। हर वर्ष नए साल के पावन अवसर पर इस यात्रा का आयोजन किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य नगर और पूरे क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करना है। 14वें वर्ष में भी इस यात्रा को लेकर भक्तों में वही पुराना उत्साह और नई ऊर्जा देखने को मिली।


