हसनपुर। यूपी के अमरोहा स्थित हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के पिपलौती कलां गांव में अवैध संबंधों में बाधक बन रहे राजमिस्त्री मेहराज उर्फ मिराज (30) की उसकी ही पत्नी ने प्रेमी व एक अन्य साथी के साथ मिलकर हत्या कराने के मामले में तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को जेल दिया गया है। इससे पहले पुलिस ने दो चाकू व दो मोबाइल भी बरामद किए।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि आरोपी महिला रूही ने पूछताछ में बताया कि वह शादी से पहले से गांव में ही बड़ी बहन के देवर फरमान से प्रेम करती थी, उसी से शादी करना चाहती थी, लेकिन बदकिस्मती से उसकी शादी मेहराज से हो गई, शादी के बाद भी फरमान से प्रेम कम नहीं हुआ।

मेहराज दोनों के बीच संबंधों का राज जान चुका था और वह इसका विरोध करता था। इसलिए मेहराज को रास्ते से हटाने के लिए हत्या की योजना बनाई। दूध में नींद की गोलियां खिलाई और प्रेमी फरमान व बुरावली निवासी अदनान के साथ मिलकर उसकी हत्या करा दी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार तिवारी ने बताया तीनों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से जेल भेजा गया है।
मृतक मेहराज की पत्नी रूही ने मेहराज की हत्या के बाद लूट की झूठी कहानी रच दी। जिससे घटना को दूसरे रूप में देखा जा सके। पहले रूही ने बताया कि रात में सोते समय कुछ लोग आए थे, उन्होंने कुंडल लूट लिए और मोबाइल भी ले गए। उन्होंने ने ही मेहराज की हत्या की है। रविवार की सुबह को जब परिवार के अन्य लोग व ग्रामीण घर पहुंचे तो घड़ियाली आंसू बहाती रही और मुंह ढककर रोने का नाटक करती रही।
अपनों के खून के लिए हसनपुर क्षेत्र पहले से ही बदनाम है। वर्ष 2008 में गांव बावनखेड़ी में शबनम ने प्रेमी के साथ मिलकर माता, पिता, भाई-भाभी समेत सात लोगों का कत्ल कर दिया था। इसके बाद अब फिर एक महिला ने अपने ही प्रेमी के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतार दिया।
क्षेत्र के गांव पिपलौती कला में राजमिस्त्री मेहराज उर्फ मिराज की हत्या के बाद ये बात सामने आई है कि मेहराज का अपनी पत्नी से कई दिनों से विवाद चल रहा था। पत्नी ने अपने पति के साथ रहने से साफ इन्कार कर दिया था।
मृतक मेहराज की चाची इस्तकीन के अनुसार पति-पत्नी के बीच विवाद की चिंगारी 21 मार्च यानी ईद के दिन सुलगी थी। उसके बाद से दोनों के बीच सुलह नहीं हो सकी। रूही अपने पति मेहराज के साथ रहने को कतई तैयार नहीं थी।
आलम यह था कि पिछले एक सप्ताह से घर में चूल्हा तो जल रहा था, लेकिन मेहराज के लिए नहीं। रूही उसे खाना तक नहीं दे रही थी, जिस कारण मेहराज को मोहल्ले में अपने रिश्तेदारों और कुनबे के अन्य घरों में जाकर खाना खाना पड़ रहा था।
मेहराज की मौत से दो मासूमों के भविष्य भी मुश्किल में पड़ गया है। बड़ा बेटा फरहान (05) और छोटा बेटा अली (03) अब पूरी तरह अनाथ जैसे हो गए हैं। पिता की हत्या हो चुकी है और मां पर ही कत्ल का संगीन आरोप है। गांव में चर्चा है कि आपसी कलह ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया।


