- गला घोंटकर हत्या, साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश
बिनौरी, बलौदाबाजार | 1 अप्रैल 2026
संवाददाता: तुलसी साहू दिल्ली क्राइम प्रेस – नेशनल न्यूज
घटना का पूरा विवरण
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के पलारी थाना क्षेत्र अंतर्गत बिनौरी गांव में 37 वर्षीय रामकुमार साय की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने मृतक की पत्नी, बड़े भाई और एक रिश्तेदार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने मिलकर गला घोंटकर हत्या की और हत्या में प्रयुक्त गमछे को कुएं में फेंककर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।
मृतक की पत्नी मीना बाई साय ने 29 मार्च 2026 की रात 11 बजे से 30 मार्च की सुबह 2:30 बजे के बीच हुई मौत की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तुरंत मर्ग कायम कर शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत को हॉमिसाइडल बताया गया, जिसके बाद मामला हत्या में परिवर्तित कर विवेचना शुरू की गई।
जांच में खुलासा: परिजनों ने ही रची साजिश
पुलिस ने संदेह के आधार पर मीना बाई साय, बड़े भाई महावीर साय और रिश्तेदार वैभव उर्फ अंशु बघेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
मनोवैज्ञानिक और विश्लेषणात्मक तरीके से पूछताछ करने पर तीनों आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी पूछताछ के लिए पूरी तैयारी से आए थे, लेकिन साक्ष्यों के सामने उनकी कहानी टिक नहीं पाई।
हत्या की वजह और तरीका
जांच में सामने आया कि मृतक शराब का आदी था और अक्सर नशे में घर आकर परिवार को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ित करता था। साथ ही, उसके ऊपर अपनी बेटी के प्रति गलत नियत रखने का आरोप भी था।
परेशानी के चलते पत्नी, भाई और रिश्तेदार ने मिलकर हत्या की योजना बनाई। घटना की रात, जब रामकुमार सो रहा था, तीनों ने गमछे से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपी गमछे को पत्थर से बांधकर घर के पास स्थित कुएं में फेंक गए। पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही पर कुएं से गमछा और पत्थर बरामद कर लिया।
फोरेंसिक और तकनीकी जांच
मामले की जांच में फोरेंसिक विशेषज्ञों ने अहम भूमिका निभाई। वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर मौत को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने महत्वपूर्ण दिशा प्राप्त की।
साथ ही, आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
गिरफ्तार आरोपी:
महावीर साय (40 वर्ष)
मीना बाई साय (36 वर्ष)
वैभव उर्फ अंशु बघेल (19 वर्ष)
तीनों को 31 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में हुआ। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह और एसडीओपी अपूर्वा क्षत्रिय के मार्गदर्शन में पलारी थाना प्रभारी निरीक्षक परिवेश तिवारी सहित टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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