रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को एक विकसित और समृद्ध राज्य बनाने के लिए सभी समाजों का सहयोग और सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। वे आज रायगढ़ स्थित बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा आयोजित ‘उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं ‘वंदे उत्कल जननी’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भावनाओं से ओतप्रोत हो उठा।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में आत्मीयता व्यक्त करते हुए कहा कि वे यहां किसी अतिथि के रूप में नहीं, बल्कि अपने परिवारजनों के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ की जनता ने उन्हें लगभग 20 वर्षों तक सांसद के रूप में स्नेह और आशीर्वाद दिया, जो आज भी उनके साथ बना हुआ है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच “रोटी-बेटी” का गहरा और अटूट रिश्ता है। जशपुर के कुनकुरी से लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों तक बड़ी संख्या में लोग उड़िया भाषा का प्रयोग करते हैं। देवभोग-गरियाबंद क्षेत्र में आज भी महाप्रसाद के रूप में भात परोसने की परंपरा जीवित है, और पूरे छत्तीसगढ़ में रथ यात्रा का आयोजन उत्साहपूर्वक किया जाता है। उन्होंने रायपुर में निर्मित भव्य जगन्नाथ मंदिर का उल्लेख करते हुए इसे सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज की बहुप्रतीक्षित पत्रिका ‘सुविधा’ का विमोचन भी किया, जिसमें समाज की परंपराओं, उपलब्धियों और संपर्क विवरणों को समाहित किया गया है। समाज की मांग पर उन्होंने जगन्नाथ रथ यात्रा के आयोजन हेतु 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की तथा मंदिर जीर्णोद्धार सहित अन्य मांगों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया।
सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत राज्य में ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 8 लाख आवास रिकॉर्ड समय में पूर्ण किए जा चुके हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आया है। इसके साथ ही ‘रामलला दर्शन योजना’ के तहत अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान रामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिससे आम नागरिकों को विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने धर्मांतरण के मुद्दे पर भी अपनी सरकार की सख्ती स्पष्ट करते हुए कहा कि अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाया गया है, जिसमें सजा और जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और सुरक्षा बलों के साहस के कारण नक्सल प्रभाव में कमी आई है और अब वहां तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में विभिन्न विभागों में 20 से 25 हजार युवाओं को रोजगार दिया गया है। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए चयन मंडल का गठन किया गया है। पीएससी गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच कराई गई है और ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर भ्रष्टाचार पर नियंत्रण स्थापित किया गया है।
ऊर्जा क्षेत्र में राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने ‘बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026’ की जानकारी दी। इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जा रही है, साथ ही सरचार्ज में छूट का प्रावधान भी रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, विशेषकर वन और खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। वन उत्पादों के वैल्यू एडिशन के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान समाज की 8 प्रतिभाओं—श्रीतनु गुरु, अजय गुप्ता, डॉ. रोशन कुमार होता, कु. उन्नति मिश्रा, अपूर्वा गुरु, अनन्या गुरु, नंद किशोर सतपथी एवं निशांत नामदेव—को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
(संवाददाता – तुलसी साहू, दिल्ली क्राइम प्रेस नेशनल न्यूज)


