छेरकापुर। पलारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शांत ग्राम छेरकापुर में शुक्रवार की रात उस समय अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया, जब एक युवक नशे की हालत में तलवार और सब्बल लेकर गांव की गलियों में घूमते हुए लोगों को डराने-धमकाने लगा। अचानक हुई इस घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग अपने-अपने घरों में सुरक्षित रहने को मजबूर हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी युवक पूरी तरह शराब के नशे में धुत था और उसकी हरकतें बेहद आक्रामक व अनियंत्रित थीं। वह गली-गली घूमकर लोगों को धमका रहा था और हाथ में लिए हथियारों को लहराते हुए गांव में भय का माहौल बना रहा था। इस दौरान उसने एक स्थानीय युवक के साथ मारपीट भी की, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद गांव की महिलाएं और बच्चे खासे भयभीत हो गए। कई परिवारों ने एहतियातन अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए और बाहर निकलने से बचते रहे।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने देर रात एकजुट होकर पुलिस में शिकायत करने का निर्णय लिया। सरपंच पंकज साहू के नेतृत्व में लगभग 25 से 30 ग्रामीण पलारी थाना पहुंचे और आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं में सुकबती साहू, सोहद्रा साहू, आशा साहू, रेणुका यादव, दुकलहीन साहू, कोमल साहू, दीपक, देवानंद, ओमप्रकाश फेकर और मंतराम साहू सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे।
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि आरोपी का व्यवहार पिछले कुछ समय से असामान्य था, वह इस प्रकार का हरकत और कर चुका है लेकिन इस बार उसने सारी हदें पार कर खुलेआम हथियार लेकर गांव में आतंक मचाकर सभी सीमाएं लांघ दीं। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से तलवार और सब्बल भी जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना के समय वह शराब के नशे में था, जिससे वह अपना नियंत्रण खो बैठा था।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच जारी है। साथ ही उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
इधर, पुलिस ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ाने का आश्वासन दिया है। घटना के बाद गांव में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है, लेकिन लोगों के मन में अब भी भय बना हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों पर सख्त निगरानी रखी जाए, ताकि गांव में शांति और सुरक्षा बनी रहे।


