कसडोल,छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले 23 जून। थाना कसडोल क्षेत्र के ग्राम खर्वे में पिछले चार माह के दौरान हुई 8 संदिग्ध मौतों के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार गांव का ही निवासी रामसहाय जायसवाल (46 वर्ष) अपने परिचित ग्रामीणों को शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर पिलाता था, जिससे उनकी मौत हो जाती थी। आरोपी के खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक 6 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने एसडीओपी कसडोल को आवेदन देकर फरवरी से 14 मई 2026 के बीच हुई 8 संदिग्ध मौतों की जांच की मांग की थी और गांव के ही रामसहाय जायसवाल पर संदेह जताया था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और 7 शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम के लिए रायपुर भेजा गया। एक मृतक बुधराम जायसवाल का परिजनों द्वारा पहले ही दाह संस्कार किया जा चुका था।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने चूहे मारने की दवा बताकर सुहागा (जहर) हासिल किया था। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने रामसहाय से पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह किया, लेकिन बाद में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने सबसे पहले एक कुत्ते पर जहर का परीक्षण किया। परीक्षण सफल होने के बाद उसने गांव के लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। आरोपी ने पुरानी रंजिश, गाली-गलौज, जमीन विवाद, कर्ज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका जैसी वजहों से एक-एक कर लोगों को शराब में जहर मिलाकर पिलाया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने 6 फरवरी को बद्री, 20 फरवरी को बुठालु, 12 मार्च को छत्तूराम, 20 मार्च को बुधराम, 31 मार्च को विनोद कुमार, 28 अप्रैल को गजानंद, 29 अप्रैल को चैतूराम तथा 14 मई को महेतरूराम की हत्या की। वहीं 14 अप्रैल को कार्तिक को भी जहर मिली शराब पिलाई गई थी, लेकिन उपचार मिलने से उसकी जान बच गई।
पुलिस के अनुसार आरोपी इतना शातिर था कि किसी को उस पर शक न हो, इसलिए वह खुद बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने तथा मृतकों के अंतिम संस्कार और कफन-दफन में भी शामिल होता था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी रामसहाय जायसवाल पिता देवप्रसाद, उम्र 46 वर्ष, निवासी ग्राम पुराना खर्वे थाना कसडोल को गिरफ्तार कर लिया है। उसके विरुद्ध 8 हत्या एवं 1 हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है।
इस कार्रवाई में पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह, एसडीओपी कौशल किशोर वासनिक के मार्गदर्शन में थाना कसडोल एवं साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


